तारानाकी पर्वत (Mount Taranaki)- न्यूजीलैंड का एक ऐसा पहाड़ जिसे मिला हुआ है एक इंसान का दर्जा

Mount Taranaki: हमारे प्यारे भारत मे भगवानों के अलावा नदियों, पेड़ पौधों, पर्वतों और कई अन्य जीवों की भी पूजा भगवानों की तरह होती है| लेकिन हमारे देश मे जितना मान सम्मान प्रकृति का होता है उसी मात्रा मे प्रकृति को नुकसान भी पहुंचाया जाता है|

लेकिन इस धरती पर एक ऐसा खूबसूरत देश भी है जिसने अपने एक पर्वत को एक इंसान का दर्जा दिया है| उस देश का नाम है न्यूजीलैंड| न्यूजीलैंड ने अपने देश मे स्थित एक पवित्र और खूबसूरत तारानाकी पर्वत को एक इंसान का दर्जा दिया है|

इनके बारे में भी जाने:

आज की तारीख मे न्यूजीलैंड का ये पर्वत दुनियाभर मे सुर्खियां बटोर रहा है| तारानाकी पर्वत न्यूजीलैंड पश्चिमी तट पर ऑकलैंड और वेलिंगटन के बीच स्थित तारानाकी क्षेत्र में स्थित है| तारानाकी क्षेत्र के मूल निवासी माओरी समुदाय तारानाकी पर्वत को अपना पूर्वज मानते हैं|

न्यूजीलैंड के एक नये कानून के मुताबिक अब इस पर्वत को उतने ही अधिकार प्राप्त हैं जितने की न्यूजीलैंड के एक आम नागरिक को प्राप्त हैं| तारानाकी पर्वत न्यूजीलैंड देश का माउंट कुक के बाद दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है|

नए अधिकार मिलने के बाद तारानाकी पर्वत को नए ‘तारानाकी मौंगा’ नाम से जाना जाएगा| तारानाकी पर्वत के पहले 2017 मे न्यूजीलैन्ड की 145 किलोमीटर लंबी हेंगनुई नदी और वर्ष 2014 में  ‘ते उरेवेड़ा’ नामक विशाल वन क्षेत्र को भी यह दर्जा दिया गया था|

जिससे बाद सरकार का अधिकार इस क्षेत्र से स्वतः समाप्त हो गया और स्थानीय तुहोए जनजाति इस क्षेत्र के संरक्षक घोसित कर दिए गए| तारानाकी पर्वत 2,518 मीटर यानि की 8,261 फीट ऊंचा है और यह एक निष्क्रिय ज्वालामुखी पर्वत है| तारानाकी पर्वत पर्यटकों, पर्वतारोहियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स मे रुचि रखने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है|

अंग्रेजों के समय मे माओरी समुदाय से बलपूर्वक ये पर्वत छीनने की कोशिश की गई थी इसलिए इस अनैतिक घटना की भरपाई के लिए तारानाकी पर्वत को ये दर्जा दिया गया है जिसे न्यूजीलैंड की संसद में 123 सांसदों द्वारा सर्वसम्मति से पास किया है|

ये कानून संसद में पारित होते ही संसद में उपस्थित माओरी समुदाय के लोगों ने अपनी खुशी बयां की और इस खुशी को एक लोकप्रिय माओरी गीत गाकर ब्यक्त किया| नया कानून पास होने के बाद अब एक समिति का निर्माण किया जाएगा जो इस पवित्र पर्वत की देख रेख करेगी|

इस समिति मे माओरी समुदायों के चार सदस्य और न्यूजीलैंड सरकार के 4 सदस्य होंगे जिन्हे संरक्षण मंत्री द्वारा नियुक्त किया जाएगा| 18वीं और 19वीं शताब्दी में न्यूजीलैंड पर जब अंग्रेजों का शासन था तो अंग्रेजों ने माओरी लोग से पर्वत छीन लिया था और  वर्ष 1770 मे ब्रिटिश खोजकर्ता कैप्टन जेम्स कुक ने इस पर्वत का नाम बदलकर ‘माउंट एगमॉन्ट’ कर दिया था| 

1840 में माओरी समुदाय और ब्रिटिश क्राउन के बीच वेटांगी संधि हुई थी| जिसमे माओरी समुदाय को ये आश्वासन दिया गया था कि माओरी लोगों को अपनी भूमि और संसाधनों पर सम्पूर्ण अधिकार मिलेगा| 

लेकिन इस संधि के अंग्रेजी और माओरी भाषा में अर्थ अलग अलग होने के कारण अंग्रेजों ने इस संधि का घोर उल्लंघन किया और वर्ष 1865 में अंग्रेजों ने तारानाकी क्षेत्र की विशाल भूमि जिसमें यह पवित्र पर्वत भी स्थित था को कब्जा लिया| इसके बाद माओरी के लोगों को इस पवित्र पर्वत से दूर कर दिया गया|

लेकिन अब समिति बनाने के बद्द इस पर्वत की देखरेख पारंपरिक माओरी मान्यताओं के अनुसार की जाएगी| इन मान्यताओं मे आस पास की प्राकृतिक सुंदरता का भी ध्यान रखा जाएगा और पर्वत पर आम जनता पहले की ही तरह जा पाएगी|

जब भी आपका न्यूजीलैंड आने का प्लान बने इस खूबसूरत और पवित्र पर्वत को जरूर देखेँ| चारों तरफ प्राकृतिक खूबसूरती से घिरी ये आलोकिक पहाड़ी एक आपको अध्यात्मक ऊर्जा देगी| इस पर्वत के दर्शन करके आपको अद्भुत शांति का अनुभव होगा|

How To Reach Mount Taranaki

इस पर्वत (Mount Taranaki) तक पहुँचने का नजदीकी हवाई अड्डा न्यू प्लायमाउथ एयरपोर्ट है जो इस पर्वत (Mount Taranaki) से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पोर स्थित है| अगर आप न्यू प्लायमाउथ एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट टिकट बुक करना चाहते हैं तो यहाँ पर क्लिक करें|

Mount Taranaki Location

Q1- तारानाकी पर्वत (Mount Taranaki) तक चलने में कितना समय लगता है?

A- 8-10 घंटे

Q2- एमटी तारानाकी (Mount Taranaki) की यात्रा कैसे करें?

A- 32 अलग अलग प्रवेश द्वार से कार के द्वारा पहुंचा जा सकता है|

Q3- एमटी तारानाकी (Mount Taranaki) पर कितनी मौतें?

A- अभी तक यहाँ पर 84 लोगों की मौतए हो चुकी है|

Q4- तारानाकी पर्वत (Mount Taranaki) पर कितने लोग चढ़ते हैं?

A- 20,000 पर्यटक प्रतिवर्ष चढ़ते हैं|

Q5- तारानाकी पर्वत (Mount Taranaki) के बारे में क्या खास है?

A- यह पर्वत लगभग 1,20,000 वर्ष पुराना है|

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