फतेह बुर्ज (Fateh Burj)- कुतुब मीनार से भी ऊंचा बुर्ज जहाँ पर सिक्ख वीरों के सामने मुगलों ने घुटने टेक दिए थे

Fateh BurJ: यूं तो हमारा देश एक से बढ़कर एक ऊंची मीनारों से भरा पड़ा है लेकिन पंजाब मे स्थित फतेह बुर्ज की एक अलग ही शान है| फतेह बुर्ज भारत की सबसे ऊंची मीनार है| इस मीनार के बनने की पीछे की कहानी आपको गर्व से भर देगी|

क्रूर शासक औरंगजेब के समय सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर धर्म को इस्लाम न अपनाने के लिए 24 नवंबर 1675 को उनकी हत्या कर दी थी| गुरु तेग बहादुर के बाद सरहिन्द के नवाब वज़ीर खान ने सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह पर भी हमला किया|

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गुरु गोबिंग सिंह जी वहाँ से बचने मे कामयाब तो हो गए लेकिन वो अपने परिवार से बिछड़ गए| उनके दोनों बेटे साहिबज़ादा फ़तेह सिंह और साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह उनकी माँ गुजरी देवी के साथ रसोईए गंगू के साथ मोरिंडा चले गए|

रसोईए गंगू ने गुरु के परिवार के साथ विश्वासघात किया और गुरु के परिवार की सूचना वजीर खान को दे दिया| वजीर खान ने जान बचाने के लिए 7 साल के फतेह सिंह और 9 साल के जोरावर सिंह को इस्लाम धर्म अपनाने का लालच दिया लेकिन दोनों साहिबज़ादों ने साफ इनकार कर दिया और धर्म के लिए हँसते हँसते शहीद हो गए|

क्रूर और कट्टर वजीर खान से दोनों साहिबज़ादों का शहादत का बदला बाबा बंदा सिंह बहादुर ने लिया| वो एक पहले सिक्ख थे जिन्होंने सबसे पहले मुगलों को हराया था| उनके बचपन का नाम लक्ष्मण देव था| लोग उन्हे माधो दास बैरागी के नाम से भी जानते हैं|

बंदा सिंह ने 15 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया था और बैराग्य धारण कर लिया था| उन्होंने गुरु गोविंद सिंह से शिक्षा दीक्षा ली और ताउम्र मुगलों के अत्याचार के खिलाफ लड़ते रहे|

आज जिस जगह पर ये फतेह बुर्ज बना हुआ है ये जगह पुंजाब के मोहाली मे चप्पड़चिड़ी गाँव मे स्थित है| चप्पड़चिड़ी गाँव मे ही 12 मई 1710 को बंदा बैरागी और वजीर खान का घमासान युद्ध हुआ था जिसमे बंदा बैरागी के वीर सिपाही फतेह सिंह ने दोनों साहिबजादों का बदला लेटे हुए तलवार के एक ही वार से क्रूर और जिहादी वजीर खान के सर को धड़ से अलग कर दिया था|

इसी जीत के उपलक्ष मे इस गाँव मे फतेह बुर्ज का निर्माण किया गया है जिसे बंदा सिंह बैरागी वार मेमोरियल भी बोलते हैं| इस बुर्ज मे बाबा बंदा सिंह बहादुर के साथ साथ उनके पांच अन्य  जरनैलों बाबा आली सिंह, बाबा माली सिंह, बाबा फतेह सिंह, बाबा राम सिंह और बाबा बाज सिंह  की भी मूर्तियाँ लगायी गई हैं|

फतेह बुर्ज (Fateh Burj) मे कुल तीन मंजिलें है। पहली मंजिल 67 फुट, दूसरी 117 और तीसरी 220 फुट ऊंची है। फतेह बुर्ज के ऊपर आपको गुंबद और खंडा भी देखने को मिलेगा। फतेह बुर्ज मे बनी 3 मंजिले 3 अलग अलग विजय को दर्शाती हैं| पहली मंजिल समाना की जीत, दूसरी मंजिल सधौरा की को विजय और तीसरी मंजिल चप्पड़चिड़ी की जीत को| 

इस बुर्ज मे ओपन एयर थिएटर और कैफेटेरिया भी बनाया गया है इसके साथ ही साथ पास मे एक सुंदर सरोवर का भी निर्माण किया गया है| इस जीत के बाद लाहौर से लेकर दिल्ली तक सिक्खों ने औरंगजेब मे मुगलिया शासन की जड़े हिला दी थी| 

यह भारत का सबसे बड़ा जीत का प्रतीक है जिसे 30 नवम्बर 2011 को पूरा किया गया था| इसका डिजाइन बोनानो पीसानो ने तैयार किया था| ये बुर्ज 11 महीने मे बनकर तैयार हुआ है जिसकी ऊँचाई लगभग 328 फुट है|

यह ऐतिहासिक और अद्भुत जगह चंडीगढ़ से लगभग 15 किलोमीटर, मोहाली बस स्टैंड से 7 किलोमीटर और ऐतिहासिक शहर सरहिंद से 32 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस मीनार को इतनी मजबूती से बनाया गया है की 170 किलो मीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाएँ भी इस बुर्ज को किसी भी प्रकार का नुकसान नही पहुंचा पायेंगी|

पुंजाब सरकार ने चप्पड़चिड़ी को गाँव को एक टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित किया है जो देश विदेश से लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है| रात की जगमगाती लाइटिंग मे यहाँ की सुंदरता कई गुना बाढ़ जाती है| इस स्मारक को देखने रोज 500 पर्यटक पहुंचते हैं| शनिवार और रविवार को ये संख्या 1000 मे पहुँच जाती है|

यह एक ऐसा ऐतिहासिक स्थल है जहाँ आकर आप बंदा बहादुर की बहादुरी को याद करेंगे| इस जगह पर दोनों साहिबजादों फतेह सिंह और जरोवर सिंह की शहादत को महसूस करेंगे| इस जगह का इतिहास आपको अंदर तक झकझोर देगा|

पूर्ववर्ती सरकारों ने कट्टर, जिहादी और क्रूर मुगलों का गुणगान करने के अलावा कुछ भी नहीं किया इसलिए हमारी युवा पीढ़ी अपने इतिहास को आजतक सही से जान ही नहीं पाई है| जब भी आप ऐसी जगहों पर जाएं तो अपने बच्चों को जरूर ले जाएं ताकि आपके बच्चे धर्म प्रेमी और देश प्रेमी बने|

फतेह बुर्ज कैसे पहुँचें (How To Reach Fateh Burj)

फतेह बुर्ज पहुँचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन यहाँ से 20 किलोंमीटर दूर चंडीगढ़ है| अगर आप चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक करना चाहते हैं तो यहाँ पर क्लिक करें|

फतेह बुर्ज की लोकेसन (Fateh Burj Location)

Q1- फतेह बुर्ज (Fateh Burj) का निर्माण कब किया गया था?

A- 30 नवम्बर 2011

Q2- फतेह बुर्ज (Fateh Burj) किसको समर्पित है?

A- बाबा बंदा बैरागी को

Q3- फतेह बुर्ज (Fateh Burj) की ऊँचाई कितनी है?

A- 328 फुट

Q4- फतेह बुर्ज (Fateh Burj) मे कुल कितनी मंजिले हैं?

A- 3

Q5- फतेह बुर्ज (Fateh Burj) किस गाँव मे स्थित है?

A- चप्पड़चिड़ी गाँव मे

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